उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर से ग्राम पंचायतों को केंद्र से जारी धनराशि के उपयोग पर सफाई दी। बीजापुर में उत्तराखंड ग्राम प्रधान संगठन के प्रतिनिधिमंडल से सीएम ने कहा कि उनकी ओर से सिर्फ पंचायतों से विभिन्न योजनाओं में पैसा खर्च करने का आग्रह किया गया था।
कुछ समय पहले ही सीएम ने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर केंद्रीय निधि से मिल रहे पैसे का उपयोग कुछ चुनिंदायोजनाओं के लिए करने को कहा था। ग्राम प्रधानों ने इसे सरकार का निर्देश माना और इसका आशय निकाला कि सरकार इन योजनाओं के लिए पंचायतों से पैसा मांग रही है। तब से सीएम लगातार इस पर अपना पक्ष स्पष्ट कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सीएम ने फिर कहा कि राज्य सरकार ने ग्राम प्रधानों को केवल राय दी है कि गांवों में किन कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ग्राम प्रधानों को लिखे पत्र में केवल यह अनुरोध किया गया है कि ग्राम पंचायतों को मिले धन का उपयोग चाल-खाल बनाने, पानी की निकासी के लिए नालियां बनाने, साफ -सफाई, शौचालयों के निर्माण, छोटी पेयजल योजना में किया जाए।
इन कार्यों को ग्राम पंचायतों द्वारा ही किया जाना है। इसमें राज्य सरकार के हस्तक्षेप की कोई मंशा नहीं है। रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायतों को केंद्र जनसंख्या के आधार पर पैसे दे रहा है।
ऐसे में सरकार पंचायतों की कमी की भरपाई करेगी। इसके लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर एक कोष का गठन करेगी। मेरा गांव मेरी सड़क योजना में ग्राम पंचायत सड़क निर्माण का प्रस्ताव देती है तो केवल 50 प्रतिशत लागत उस ग्राम पंचायत को वहन करनी होगी।