ड्रेनेज सिस्टम को प्रभावी बनाने का निर्देश
सीएम ने सात- आठ जुलाई को सितारंगज, टनकपुर, बनबसा व तराई-भाबर के क्षेत्रों में दशकों बाद भारी मात्रा में पानी जमा होने तथा बाढ़ की स्थिति पैदा होने की स्थिति के भी अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने जल निकासी प्रणाली तथा ड्रेनेज सिस्टम को और प्रभावी बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों की तुरंत मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। हम आपदा को रोक तो नहीं सकते है, लेकिन उसके प्रभाव को पीड़ितों की मदद कर कम कर सकते हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा मद में हुई धनराशि वृद्धि से क्षतिग्रस्त संपत्तियों, आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण और मूलभूत सेवाओं को सुचारू करने में मदद मिलेगी।