दून में इन जगहों पर है शत्रु संपत्ति
दरअसल देहरादून में अरबों रुपये कीमत की शत्रु संपत्ति है। यह संपत्ति दिलाराम, सर्वे चौक, कमिश्नरी कार्यालय, ईसी रोड, आईएसबीटी के पास, राजपुर रोड, मसूरी, माजरा, चकराता में हैं। सरकार सालों की कोशिश के बाद भी इस पर कब्जा नहीं ले सकी है। इन जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। फर्जी रजिस्ट्री और स्टांप घोटालों की जांच में जुटे प्रशासन को ऐसी जमीनों को हेराफेरी कर सरकारी दस्तावेजों में चढ़ाने की जानकारी मिली है। ऐसे में इसकी जांच की जा रही है। इससे पहले भी एक तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध मिलने पर कमिश्नर के आदेश पर शत्रु संपत्तियों को नगर निगम के दस्तावेजों में चढ़ने से रोक लिया गया था।
क्या होती है शत्रु संपत्ति
देश का बंटवारा होने के बाद पाकिस्तान गए लोगों की भारत में रह गई संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहते हैं। गृह मंत्रालय इस संपत्ति की देखरेख कराता है। वर्ष 2016 से मोदी सरकार ने इन संपत्तियों पर कब्जे लेने शुरू कराए।
शत्रु संपत्तियों को लेकर जिला प्रशासन लगातार काम कर रहा है, चिह्नित जमीनों पर कब्जे लिए जा रहे हैं, कई मामले एडीएम प्रशासन के कोर्ट में लंबित हैं, उन पर सुनवाई चल रही है, जल्द फैसला आते ही ऐसी जमीनों पर कब्जा लिया जाएगा, शेष जमीनों पर कब्जे की प्रक्रिया चल रही है।
-सोनिका, डीएम देहरादून