400 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य : डॉ.धनसिंह
जन औषधि दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में जो भी जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, उनमें सरकार पांच लाख रुपये की सहायता दे रही है। राज्य को अभी 400 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य मिला है। 225 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 670 न्याय पंचायतों में कॉ-ओपरेटिव सोसाइटी में एक-एक जन औषधि केंद्र खोला जाएगा। वहीं, बताया कि कैबिनेट ने राज्य में 500 से अधिक विकलांग बच्चों को घर पर ही शिक्षा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार 265 अध्यापकों की नियुक्ति करने जा रही है।
रोजगार देने का सशक्त माध्यम : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जन औषधि योजना सेवा और रोजगार दोनों का एक सशक्त माध्यम बन गई है। इस योजना से सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी बहुत लाभ हुआ है। देशभर में एक हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र तो ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ महिलाएं ही चला रही हैं। यह योजना बेटियों की आत्मनिर्भरता को भी बल दे रही है।
70 हेल्थ एवं वैलनेस केंद्र स्थापित
प्रदेश में अभी तक आयुष्मान योजना में केंद्र सरकार के सहयोग से 70 हेल्थ एवं वेलनेस केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में जनसामान्य की चिकित्सा सुविधा के लिए योग, आयुर्वेद, पंचकर्म से संबंधित सभी सेवाओं के साथ-साथ लैब टेस्टिंग जैसी सुविधाओं और जन औषधि केंद्र को भी जोड़ा गया है।
अब 1500 रुपये मिलती है दवाई
औषधि दिवस कार्यक्रम में आईं दीपा शाह ने कहा कि उन्हें पैरालिसिस के इलाज के लिए पहले 7000 रुपये में दवाई मिलती थी। जन औषधि केंद्रों से उनको यह दवाई मात्र 1500 रुपये में मिलने लगी।