परिजनों का कहना था कि वे रिपोर्ट की मांग कर रहे थे, लेकिन मृत्यु का कारण बताने के बजाय उनको बाहर कर दिया गया। हंगामे की सूचना मिलने पर श्रीकोट चौकी इंचार्ज महेश रावत और एसआइ पीएस बुटोला अस्पताल पहुंचे।
इसके बाद परिजनों की पुलिस की मौजूदगी में बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह से वार्ता हुई। प्रो. सिंह ने बताया कि यदि लिखित में शिकायत आई तो जांच कराई जाएगी।
वहीं, इस बीच कुछ महिलाएं अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठ गए। महिलाओं का कहना था कि अस्पताल की लापरवाही से दो लोगों की जान चली गई और घर में दो मासूम बिना मां के रह गए। काफी देर हंगामे के बाद पुलिस ने मामला शांत कराया।