प्राइवेट कोचिंग की मनमानी से परेशान एक भाई की वायरल वीडियो उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक जा पहुंची। जिसके बाद मुख्यमंत्री रावत ने डीजीपी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीजीपी को जांच करने को कहा है। पिथौरागढ़ के चौड़ीगाड़ गांव निवासी मदन मोहन भट्ट की एक वीडियो कुछ दिनों से वायरल हो रही थी। इस वीडियो में मदन दून के एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पर मनमानी का आरोप लगाया है। आरोप है कि मदन की बहन दून स्थित सीवी रमन इंस्टीट्यूट से एयरहोस्टेस की जॉब के लिए बुलाया था। बकायदा इसके लिए मदन की बहन ने फॉर्म भरा था। आगरा में परीक्षा हुई थी। कहा गया था कि काउंसिलिंग के बाद सीधे जॉब दे दी जाएगी।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आगरा में परीक्षा देने के बाद 8 जनवरी 2018 को काउंसिलिंग के देहरादून के सीवी रमन इंस्टीट्यूट बुलाया गया। जहां मैनेजमेंट द्वारा कहा गया कि वह काउंसिलिंग क्लीयर नहीं कर पाई। अब उसकी चार माह की ट्रेनिंग होगी। जिसके बाद उसे एयर होस्टेस की नहीं टिकटिंग की नौकरी दी जाएगी। एयरहोस्ट के लिए चयन हुआ था और अब टिकटिंग के लिए बोल रहे हैं।
ट्रेनिंग के लिए उन्होंने 7500 एडमिशन मांगी जो उन्हें दे दी गई। इसके बाद 36000 रुपए ट्रेनिंग फीस मांगी। 10000 रुपए के इंस्टॉलमेंट के रूप में फीस देने के लिए कहा गया। पहली इंस्टॉलमेंट दे दी गई। उसके बाद 4200 रुपए हॉलस्ट फिस दी।
मदन का आरोप है कि इसके बाद उन्हें, उनकी बहन को और अन्य चार लड़कियों को धमकाया जा रहा है। इंस्टीट्यूट की एक मेडम कह रही है तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मेरी पहुंच बहुत ऊंची है।
इंस्टीट्यूट द्वारा लड़कियों को बिना पैरेट्स को बताए बिजनौर शिफ्ट किए जाने की भी बात की गई।
मदन और उसकी बहन के द्वारा डालनवाला थाने में केस किया, लेकिन कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद रायपुर थाने और करनपुर चौकी में भी शिकायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मदन द्वारा वीडियो को इतना वायरल करने की बात कही गई कि जिससे वह सरकार और प्रशासन तक पहुंचे और उन्हें भी इन कोचिंग इस्टीट्यूट की हकीकत पता चल सके।