आखिरकार सरकार को अदवाणी में जंगलों के कटान पर रोक लगानी पड़ी। चिपको नेता विजय जड़धारी ने बताया कि बचनी देवी ने चिपको आंदोलन के दर्शन को समझते हुए जंगलों को बचाने के लिए जो कार्य किया, वह प्रेरणादाई है।
उन्होंने कहा कि बचनी देवी हमेशा प्रकृति से जुड़ी रही, इसीलिए उन्होंने इतना लंबा जीवन भी जिया। वे अपने पीछे पांच पुत्रों और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं। उनके निधन पर वरिष्ठ चिपको नेता धूम सिंह नेगी, विजय जड़धारी, सुदेशा बहिन, रघुभाई जड़धारी, दयाल सिंह भंडारी, डी पी उनियाल, पूर्व प्रमुख राजेंद्र भंडारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सूरज राणा, साब सिंह सजवाण, कुसुम रावत, राजेंद्र नेगी, रवि गुसांईं, सिद्धार्थ समीर, विपिन जड़धारी आदि ने शोक संवेदना प्रकट कर श्रद्धांजलि दी।