चिंतन शिविर के तीसरे दिन सचिव आयुष डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने प्रदेश में आयुष के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और आने वाले समय में होने वाले कार्यों का रोडमैप रखा।
उत्तराखंड में योग और नेचुरोपैथी चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद विभाग में अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर कवायद चल रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य को आयुष व योग का हब बनाना है।
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मसूरी में चल रहे चिंतन शिविर के तीसरे दिन सचिव आयुष डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने प्रदेश में आयुष के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और आने वाले समय में होने वाले कार्यों का रोडमैप रखा। सचिव ने कहा कि राज्य में आयुष चिकित्सा को दोबारा स्थापित करना है। उत्तराखंड को आयुष और योग का हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए निवेशकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयुष ढांचे को अपग्रेड करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 300 वेलनेस सेंटर संचालित हो रहे हैं। योग व नेचुरोपैथी के लिए विभाग में अलग से प्रकोष्ठ बनाया जा रहा है। उन्होंने दवाओं का प्रमाणीकरण करने की जानकारी दी। कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का सिस्टम बनाने की आवश्यकता है। प्रदेश में कई तरह की जड़ी-बूटियों पाई जाती है।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में जड़ी-बूटी की काफी मांग है। जिससे प्रदेश में जड़ी-बूटियों का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। बताया कि विभाग में प्रशिक्षित डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। राज्य में आदर्श आयुष ग्राम विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। कहा कि कोरोना महामारी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और डेंगू के इलाज में होम्योपैथी दवाईयां काफी कारगर साबित हुई हैं।