उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने छठी कक्षा के छात्र का मानसिक उत्पीड़न करने और टीसी उपलब्ध न कराने के मामले में एक निजी स्कूल के प्रधानाचार्य को तलब किया है। आयोग ने 16 सितंबर को स्कूल प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि मसूरी रोड स्थित एक निजी स्कूल के खिलाफ अभिभावक भूमिका ने मानसिक उत्पीड़न और टीसी न देने की शिकायत महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से की थी। इस मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल को 22 जून 2019 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
स्कूल प्रबंधन की ओर से भेजे गए जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं है। आयोग ने निर्देश दिए कि शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जेजे अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी और शिक्षा विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त किया जा सकता है।