जानकारी के मुताबिक, त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद लोगों का ध्यान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर चला गया। ऐसे में पता लगा कि यह वेबसाइट सितंबर 2020 के बाद अपडेट ही नहीं की गई। यानी कि इस वेबसाइट आखिरी पोस्ट सितंबर में ही किया गया। इसके बाद राज्य में हुए कार्यों और कार्यक्रमों के बारे में कोई भी जानकारी वेबसाइट पर नहीं दी गई।
बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज (9 मार्च) शाम चार बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय से राजनीति कर रहा हूं। चार वर्षों से पार्टी ने मुझे सीएम के रूप में सेवा का मौका दिया। मैं कभी सोच नहीं सकता था कि मैं कभी सीएम बन सकता हूं, लेकिन भाजपा ने मुझे सेवा करने का मौका दिया। पार्टी ने अब निर्णय लिया है कि सीएम के रूप में सेवा करने का अवसर अब किसी और को दिया जाना चाहिए। हालांकि, जब इस्तीफा देने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह जानने के लिए आपको दिल्ली जाना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी में विधायकों और कुछ मंत्रियों के बीच नाराजगी के चलते त्रिवेंद्र सिंह रावत को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। दरअसल, इन नेताओं की त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बने रहने पर नाराजगी जताई थी। ऐसे में उनके पद पर संकट मंडराने लगा था। विवाद सामने आने के बाद केंद्रीय नेतृत्व भी इस मसले पर मंथन कर रहा था, जिसके बाद रावत के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। बताया जा रहा है कि इस मामले की पड़ताल के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने पर्यवेक्षक भी भेजे, जिनकी रिपोर्ट के बाद रावत का हटना तय हो गया था। ं