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चीनी सेना के हेलीकॉप्टर की सेंधमारी पर उत्तराखंड CM ने तोड़ी चुप्पी, जानिए क्या कहा

Tue, 06 Jun 2017 08:44 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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helicopter - फोटो : demo pic
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भारतीय सीमा में चीनी सेना के दो हेलीकॉप्टरों की घुसपैठ के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि हेलीकॉप्टर किसके थे ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
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सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि भारत चीन सीमा के बाड़ाहोती में गत शनिवार की सुबह घुसपैठ करने वाले हेलीकॉप्टर किसके ‌‌थे ये अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय सीमा का है जो कि केंद्र का विषय है। एयरस्पेस वोइलेशन के इस मामले को केंद्र सरकार देख रही है। 

बता दें कि विगत शनिवार भारतीय सीमा में चीनी सेना के दो हेलीकॉप्टरों ने घुसपैठ कर दी थी। यह घटना उत्तराखंड के चमोली जनपद की बताई गई।

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह चमोली जिले में दो चीनी हेलीकॉप्टरों की घुसपैठ का मामला सामने आया था। बताया जा रहा था कि बाड़ाहोती क्षेत्र में ये हेलीकॉप्टर करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे।
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भारतीय सीमा घुसपैठ की दृष्टि से बेहद संवेदनशील 

india-china - फोटो : india-china
चमोली में चीन से जुड़ी भारतीय सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। बाड़ाहोती 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है जहां पर स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं। इन दिनों भी स्थानीय चरवाहे इस क्षेत्र में मवेशियों के साथ डेरा डाले हैं। 

सूत्रों के अनुसार इन लोगों ने शनिवार सुबह चीन सीमा की ओर से दो हेलीकॉप्टर आते देखे गए। कुछ देर मंडराने के बाद दोनों वापस लौट गए। इस पर उन्होंने राजस्व पुलिस को सूचना दी। सूत्रों के अनुसार आइटीबीपी के जवानों ने क्षेत्र का जायजा भी लिया।

भारतीय क्षेत्र में हेलीकॉप्टर घुसने का यह पहला मौका नहीं था। वर्ष 2014 में भी इसी इलाके में चीन का विमान देखा गया था। इसके बाद जुलाई 2016 में चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर चमोली सुर्खियों में रहा था। क्षेत्र के निरीक्षण को गई राजस्व टीम से चीनी सेना का सामना हुआ था।

सैनिकों ने टीम को लौट जाने का इशारा भी किया। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेजी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों द्वारा चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट करने की घटना भी सामने आई थी।
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