हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की अंतिम सहमति के बिना यह संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच प्रदेश में सरकार और संगठन के बीच तालमेल और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चल रही गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी कई कार्यक्रम शुरू कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने अगले दो वर्ष में विकास का रोडमैप तय करने को लेकर मंत्रियों और विधायकों के साथ हुए मंथन कार्यक्रम से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत करवाया। इसके अलावा प्रदेश संगठन के प्रस्तावित विस्तार पर भी बातचीत हुई है।
मुलाकात के टटोले जा रहे सियासी मायने
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्ड से मुलाकात के सियासी मायने भी तलाशे जा रहे हैं। बीते सप्ताह नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया पर जिस तरह से अफवाहें वायरल हुई, उसके बाद मुख्यमंत्री के पक्ष में प्रदेश भाजपा आ गई थी।
प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मुख्यमंत्री बदलने की सूचनाओं को कोरी अफवाह करार देते हुए, इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री की राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई मुलाकात को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। ऐसी भी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को जानकारी दी होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। प्रदेश में चल रही भाजपा सरकार को आगे कैसे लेकर जाना है, इसको लेकर विस्तार से बातचीत हुई है।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री