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शांतिकुंज के डॉक्टर के खिलाफ दिल्ली में दर्ज हुई एफआईआर हरिद्वार पहुंची, जांच को टीम गठित

Sat, 09 May 2020 07:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • शांतिकुंज के डॉक्टर के खिलाफ दिल्ली में दर्ज हुई थी दुष्कर्म की जीरो एफआईआर
  • सीओ सदर की मॉनीटरिंग में महिला हेल्पलाइन इंचार्ज मीना आर्य करेंगी टीम को लीड
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- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ की युवती की ओर से आध्यात्मिक संस्था शांतिकुंज के एक डॉक्टर के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में दिल्ली में दर्ज कराई गई जीरो एफआईआर शनिवार दोपहर हरिद्वार पहुंच गई।

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एसएसपी ने हाई प्रोफाइल मामले की जांच के लिए तत्काल एक टीम गठित कर जांच की कमान महिला हेल्पलाइन की इंचार्ज मीना आर्य को सौंपी है। इधर, प्रकरण को लेकर शांतिकुंज में सन्नाटा पसरा है।


दिल्ली के विवेक विहार थाने में छत्तीसगढ़ की 24 वर्षीय युवती ने शांतिकुंज के डॉक्टर और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पांच मई को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि हरिद्वार के शांतिकुंज में रहने के दौरान डॉक्टर ने चार साल तक उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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वह नाबालिग थी और खाना बनाने वाली टीम का हिस्सा थी। जब उसने डॉक्टर की पत्नी को बताया तो उन्होंने भी मुंह बंद रखने की धमकी दी थी।

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तीन दिन से एफआईआर का इंतजार कर रही थी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने एफआईआर को शून्य में दर्ज कर उत्तराखंड भेज दिया था। कोतवाली पुलिस तीन दिन से एफआईआर का इंतजार कर रही थी। शनिवार दोपहर डीजीपी और आईजी रेंज कार्यालय होते हुए एफआईआर जिला पुलिस मुख्यालय पहुंची।


एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। मुख्य रूप से महिला हेल्पलाइन की इंचार्ज मीना आर्य जांच करेंगी। उनके साथ कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी योगेश देव सहयोग करेंगे और मॉनीटरिंग सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग करेंगी।


60 दिन में जांच पूरी करने की चुनौती

चूंकि मामला पॉक्सो एक्ट से जुड़ा है। लिहाजा मामले की जांच 60 दिन में पूरी करनी होगी। यानी शुक्रवार से काउंट डाउन शुरू हो चुका है, लेकिन मुसीबत यह है कि पीड़िता दिल्ली में है और लॉकडाउन चल रहा है।

कोर्ट भी बंद है। ऐसे कई सवाल हरिद्वार पुलिस के सामने आ खड़े होने तय हैं। लिहाजा तय समय में मामले की जांच मेें पुलिस को दिक्कत उठानी पड़ सकती है।
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