वीडियो वायरल होने के बाद डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट राजेश लाल के घर पहुंचे। जहां उनकी भाभी और बहन ने बताया कि राजेश वर्ष 2008 में नौकरी की तलाश में पंजाब गए थे।
कुछ समय तक उनकी बात हुई, फिर वर्ष 2010 से बात होना बंद हो गई। प्रशासन ने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही बंधक बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बेटा मिला तो भावुक हुई मां
बेटे के मिलने की खबर जब मां और बहन को लगी तो वे पंजाब पहुंच गए। जब वह बेटे से मिली तो भावुक हो गई। बहन और मां बस रोती रही।