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चमोली आपदाः ऋषिगंगा में झील के पास संचार सुविधा के लिए पहुंचाया क्यूडीए सिस्टम

Sun, 21 Feb 2021 09:44 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सुरंग के अंदर से मलबा हटाते जवान - फोटो : ANI
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ऋषि गंगा की आपदा के बाद से तपोवन सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने का कार्य जारी है। रविवार को बैराज साइट से दो शव और सुरंग से एक शव बरामद किए गए हैं। सभी शवों की शिनाख्त कर ली गई है। अब तक 68 शव और 28 मानव अंग बरामद कर लिए गए हैं। आपदा में 136 लोग अभी भी लापता हैं। 

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तपोवन में सुरंग और बैराज साइट लापता लोगों को ढूंढने का कार्य लगातार जारी है। यहां एनडीआरएफ के जवानों का लापता लोगों को ढूंढने के लिए विभिन्न स्थानों पर सर्च अभियान जारी है। रैणी में भी ऋषि गंगा के दोनों ओर मलबे में लापता की खोजबीन की जा रही है। तपोवन सुरंग से पानी का रिसाव लगातार जारी है, जिससे मलबा हटाने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पानी की निकासी के लिए तीन पंप मशीनें लगाई गई हैं। 

सुरंग से मिले शव
सुनील बखला पुत्र प्रकाश बखला, झारखंड

बैराज में मिले शव
अमृत कुमार पुत्र कैलाश, झारखंड 
ज्योतिष बाकला पुत्र मनोज, झारखंड 
मुन्ना कुमार पुत्र विदेश्वरी सिंह, बिहार 
जलाल पुत्र इत्यार्क अली, लखीमपुर खीरी, यूपी 
जीवन सिंह पुत्र जवाहर सिंह, पंजिया, कालसी, देहरादून

ऋषिगंगा में झील के पास संचार सुविधा के लिए पहुंचाया क्यूडीए सिस्टम
स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स ने चमोली जिले के ऊपरी इलाके में बनी झील के पास संचार सुविधा के लिए क्विक डिप्लोमेबल एंटेना (क्यूडीए) सिस्टम लगाया है।

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पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधा रही एनटीपीसी की दो महिला कर्मी

ऋषि गंगा की आपदा से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड परियोजना में कार्यरत 115 संविदा श्रमिक अभी भी लापता हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से 24 श्रमिक मृत घोषित किए जा चुके हैं। 

एनटीपीसी की दो महिला कर्मचारी प्रतिभा सिंह और किनाश्री पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर जा रही हैं। जरूरतमंद परिवारों को एनटीपीसी की ओर से राशन व अन्य जरूरी सामग्री भी दी जा रही है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) एमएसडी भट्टामिश्रा ने बताया कि दोनों महिला कर्मचारियों को दिल्ली से तपोवन क्षेत्र में पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए बुलाया गया है, ताकि वे उन परिवार की महिलाओं और बच्चों से भावनात्मक स्तर पर जुड़ें। 

पीड़ित परिवार को दिया एक माह का वेतन 
ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद से लापता एचसीसी कंपनी में आपरेटर सत्य प्रसाद पुरोहित के परिजनों को कंपनी ने एक माह के वेतन का भुगतान कर दिया है। लापता सत्य प्रसाद की पत्नी शांति ने एचसीसी पर उसके पति को चार माह से वेतन न देने का आरोप लगाया था। एचसीसी के मुख्य कार्याधिकारी चंद्रशेखर गुप्ता ने कहा कि सत्य प्रसाद का दिसंबर व जनवरी माह का वेतन बकाया था, जिसमें से एक माह का वेतन पीड़ित परिवार को दे दिया गया है। 
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