ऋषिगंगा की जल प्रलय में अभी तक 204 में से 65 शव और 27 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। जिनमें से 14 शव सुरंग में मलबे से बरामद हुए हैं। 34 शवों की शिनाख्त हो चुकी है। आपदा में 140 लोग अभी भी लापता हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 169 शवों के डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं। दो दिनों से प्रभावित क्षेत्र में कोई भी शव बरामद नहीं हुआ है। आपदा प्रभावित रैणी और तपोवन क्षेत्र में मलबे में दबे लोगों की खोजबीन का कार्य जारी है।
पांच लाख रुपये से सम्मानित करेगी समाजवादी पार्टी
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एलान किया है कि चमोली आपदा के दौरान जिस जागरुक मां ने जल प्रलय में अपने बेटे की ही नहीं, बल्कि 25 लोगों की भी जान बचाई थी। उन्हें समाजवादी पार्टी पांच लाख रुपये से सम्मानित करेगी। उप्र सरकार से सपा की मांग है कि वो इस हादसे में लापता यूपी के निवासियों के परिवारों को 20-20 लाख का मुआवजा दे।
एनटीपीसी ने तपोवन आपदा में मृत आठ श्रमिकों के परिजनों को मुआवजा राशि वितरित की। तपोवन परियोजना के अभी तक 19 लोगों के शव मिल चुके हैं। शनिवार को एनटीपीसी ने 8 परिवारों को 1 करोड़ 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया।
तपोवन डैम साइट से शीघ्र मलबा हटाए एनटीपीसी : डीएम
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, एनटीपीसी और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद रेस्क्यू कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने एनटीपीसी को तपोवन डैम साइट फैले मलबे के उचित निस्तारण के निर्देश दिए, जिससे भविष्य में नदी से कोई खतरा पैदा न हो।
मलारी रोड पर हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने एनटीपीसी को प्रभावित लोगों में शीघ्र मुआवजा वितरण कराने के भी निर्देश दिए। लोनिवि को रैणी-जुग्जू व भंग्यूल में लॉक ब्रिज तथा बीआरओ को रैणी में वैली ब्रिज के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा।
मृतक पशुओं के मुआवजा वितरण के लिए एसडीएम को भौतिक सत्यापन करने को कहा, ताकि शासन से गाइडलाइन आने पर तुरंत मुआवजा वितरण किया जा सके। इस दौरान एनटीपीसी के अधिकारियों ने कहा कि तपोवन सुरंग से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिसे पंप कर निकाला जा रहा है और सुरंग से मलबा निकालने में देरी हो रही है।
लापता इंजीनियर मनीष की खोज में तपोवन में डटे हैं परिजन
ऋषिगंगा की आपदा के दो सप्ताह बाद भी कई लापता लोगों के परिजन तपोवन में डटे हैं। तपोवन के बैराज साइट से लापता चल रहे इंजीनियर मनीष कुमार का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। मनीष के ससुर अरविंद कुमार का कहना है कि उनका दामाद तपोवन में ओम मेटल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और पटना के नवदपुर का रहने वाला था।
उन्होंने बताया कि मनीष की बीते वर्ष आठ दिसंबर को ही शादी हुई थी और आपदा के बाद से लापता है। अरविंद का कहना है कि बैराज में मलबा हटाने का काम धीमी गति से चल रहा है, जिससे अभी तक मनीष का कोई पता नहीं चल पाया है। मनीष की खोज में उनके साडू भाई अंकित शर्मा भी तपोवन में डटे हुए हैं।