विकासनगर क्षेत्र के चकराता-त्यूनी मार्ग पर रविवार को सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत और मासूम समेत दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद परिवहन विभाग की कुंभकरणी नींद टूटी है। परिवहन मुख्यालय ने एआरटीओ विकासनगर से क्षेत्र में संचालित बसों का ब्योरा मांगा है। साथ ही इस रूट पर संचालित वाहनों के परमिट का भी ब्योरा तलब किया है।
एआरटीओ रत्नाकर सिंह की रिपोर्ट के अनुसार राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र में 43 वाहनों का परमिट जारी किया गया है। इसमें 32 बसों का संचालन हो रहा है। इन 32 बसों में से प्रतिदिन सिर्फ 16 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। जो देहरादून से मोरी-सीकरी, देहरादून-पुरोला, देहरादून-जानकी चट्टी, देहरादून-बड़कोट और देहरादून-तीमली मार्ग पर संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन आठ बसें पुरोला बड़कोट जानकीचट्टी जाती है। इतनी ही बसें विकासनगर होते हुए देहरादून आती हैं। बाकी 16 बसें दूसरे दिन संचालित होती हैं। ऐसे में प्रतिदिन सिर्फ 16 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। 11 ऐसी बसें हैं जिनको क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर अनफिट मानते हुए उनके संचालन पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी ने बताया कि फिटनेस जांच में अन्य 11 बसें भी फिट मिली हैं।
डग्गामार वाहन संचालकों के विरोध से संचालित नहीं हो पा रहीं बसें
परिवहन विभाग के अधिकारियों की ही मानें तो विकासनगर से पुरोला, जानकीचट्टी, बड़कोट समेत अन्य इलाकों में संचालित डग्गामार छोटे वाहन संचालकों के विरोध किए जाने की वजह से निजी बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इसको लेकर निजी बसों के संचालकों और डग्गामार वाहन संचालकों के बीच कई बार मारपीट की भी घटनाएं हो चुकी हैं। आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी का कहना है कि अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जितनी भी गाड़ियों को राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से परमिट दिया गया है उनका संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ताकि लोगों को अधिक से अधिक गाड़ियां यात्रा के लिए उपलब्ध हो।