एआई से डाटा विश्लेषण हुआ आसान
इस बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल होने के कारण विभाग इसमें एआई का भी इस्तेमाल करेगा। इससे डाटा विश्लेषण आसान होगा। इस कारण जनगणना के जो आंकड़े पहले जारी होने में दो से तीन साल का समय लग जाता था, वह बेहद कम समय में जारी कर दिए जाएंगे।
उत्तराखंड में 83 लाख आबादी कवर हुई
प्रदेश में 83 लाख लोगों की आबादी जनगणना के पहले चरण के तहत कवर हो गई है। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में 18,32,000 से अधिक परिवारों की भवन गणना हो चुकी है। अब तक प्रदेश में 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 24 मई तक जनगणना का काम चलेगा।
जिलों से लिया फीडबैक, चंपावत बेहतर
भारत के महा रजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार ने शाम को प्रमुख सचिव आरके सुधांशु के साथ जनगणना कार्य की समीक्षा की। उन्होंने वर्चुअल मीटिंग कर जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों से फीडबैक लिया। बैठक में बताया गया कि पर्वतीय जिलों में चंपावत जैसे जिले में बेहतर कार्य हुआ है। देहरादून जिले में कई जगह कार्य शुरू न होने के संबंध में जब डीएम सविन बंसल से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी दी कि अब सभी जगह पर काम शुरू हो गया है। देहरादून नगर निगम की आयुक्त नमामि बंसल ने स्पष्ट किया कि कई जगहों पर डाटा संग्रहित कर लिया गया है लेकिन उसकी फीडिंग का कार्य शेष है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से पोर्टल पर सभी जगह काम शुरू दिखाई देगा। पिथौरागढ़ डीएम आशीष कुमार भटगई और बागेश्वर डीएम आकांक्षा कोंडे ने भी अपने अपने जिले में जनगणना कार्य की स्थिति स्पष्ट की।