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Uttarakhand: आईटी एक्ट के मामलों की जांच कर सकेगी सीबीआई, डिजिटल गिरफ्तारी वाले मामलों की जांच होगी अहम

Sun, 04 Jan 2026 08:56 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

गृह विभाग ने गत 16 दिसंबर को अधिसूचना जारी करते हुए इन मामलों के लिए सीबीआई का अधिकार क्षेत्र पूरे उत्तराखंड के लिए कर दिया है। डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर देश में नित करोड़ों रुपये लोगों से ठगे जा रहे हैं।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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उत्तराखंड में भी सीबीआई आईटी एक्ट के मामलों की जांच कर सकेगी। यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद उठाया गया है जिसमें न्यायालय ने डिजिटल गिरफ्तारी के मामलों की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए थे।

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गृह विभाग ने गत 16 दिसंबर को अधिसूचना जारी करते हुए इन मामलों के लिए सीबीआई का अधिकार क्षेत्र पूरे उत्तराखंड के लिए कर दिया है। डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर देश में नित करोड़ों रुपये लोगों से ठगे जा रहे हैं। दिसंबर की शुरुआत में सर्वोच्च न्यायालय ने इन मामलों को गंभीर बताया था। साथ ही आशंका जताई थी कि इन मामलों में कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका भी हो सकती है। ऐसे में सीबीआई को राज्यों में होने वाले इन अपराधों की जांच करने के आदेश दिए थे। साथ ही कहा था कि सीबीआई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत बैंकों की भूमिका की भी जांच करेगी।

गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि इन्हीं आदेशों के क्रम में दिल्ली स्पेशल पुलिस अधिनियम के तहत सीबीआई को राज्य में आईटी एक्ट के अपराधों की जांच करने के लिए अधिकृत किया गया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। सीबीआई राज्यों में होने वाले अपराध की विवेचना तभी करती है जब सरकार इसकी सिफारिश करती है। इसके अलावा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी सीबीआई विभिन्न मामलों की विवेचना करती है।
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Uttarakhand: 12 राज्यों के 22 लोगों से की लाखों की साइबर ठगी, छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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पिछले साल करीब नौ करोड़ रुपये ठगे गए लोगों के
डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी करने के मामले वर्ष 2023 में सामने आए। उस वक्त पूरे वर्ष में प्रदेश के भीतर केवल एक मामला आया था। इसके बाद 2024 में कुल 22 मुकदमे दर्ज किए गए जिनमें करीब 18 करोड़ रुपये ठगे गए। फिर 23 दिसंबर 2025 तक कुल 18 मामले दर्ज हुए जिनमें लोगों के नौ करोड़ रुपये ठगे गए। हालांकि, इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने कई मामलों का खुलासा भी किया। इनमें 2023 के इकलौते मामले में चार्जशीट दाखिल की गई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पीड़ित के 52 हजार रुपये वापस दिलाए गए। इसी तरह 2024 के 22 मामलों में से नौ में चार्जशीट दाखिल हुई। 21 आरोपी गिरफ्तार हुए और पीड़ितों के 1.84 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए। पिछले साल 18 मामलों में से कुल छह मामलों का खुलासा हुआ जिनमें कुल 16 आरोपी पकड़े गए। लगभग 10 लाख रुपये पीड़ितों के वापस दिलाए गए।
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