इसकी एक वजह यह है कि वर्तमान में जो नियम है वह बहुत कमजोर हैं और स्पष्ट भी नहीं हैं। वर्तमान नियम में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए निवासी होने की बात कही गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने समय से निवासी होना चाहिए। इसके लिए इस नियम में बदलाव के साथ ही निवासी की परिभाषा को स्पष्ट किया जाएगा।
इसके अलावा सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत तीन दिन के भीतर परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करना होता है। इसे भी ठीक से जांच न हो पाने की एक वजह बताया जा रहा है। ठीक से जांच पड़ताल के बाद ही परिवार रजिस्टर में नाम जुड़ सकें इसके लिए परिवार रजिस्टर में नाम जोड़ने की समय सीमा को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा परिवार रजिस्टर के प्रपत्र में कुछ अन्य कॉलम बढ़ाए जा सकते हैं।
जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ने की एक वजह यह भी
स्थानीय व्यक्ति के नाम पर जगह-जगह प्लाॅटिंग हो रही है। यह भी एक वजह है कि उन क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ता जा रहा है।