दिल्ली की प्रतिनियुक्ति के दौरान खासे चर्चित रहे और पिछले दिनों मैगसेसे अवार्ड से नवाजे गए भारतीय वन सेवा के 2002 बैच के अफसर संजीव चतुर्वेदी को केंद्र ने उत्तराखंड कैडर आवंटित कर दिया है।
हालांकि यह काम कैट केडंडे और लंबी जद्दोजहद के बाद ही हुआ। विगत 12 अगस्त को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नियुक्ति समिति ने इस आशय का आदेश जारी किया। अब केवल औपचारिकत तौर पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को अधिसूचना जारी होना ही शेष है।
हरियाणा कैडर के आईएफएस संजीव चतुर्वेदी इस समय तक एम्स में उप-सचिव के पद पर तैनात है। दिल्ली में प्रतिनियुक्ति के दौरान केंद्र सरकार के साथ विवादों को लेकर चतुर्वेदी उस समय चर्चा में आए जब उन्हें एम्स दिल्ली सीवीओ समेत कई महत्वपूर्ण चार्ज उनसे हटा लिए गए।
इसलिए काम के लिए भी उन्होंने कैट में अर्जी दे रखी है। हरियाणा से उत्तराखंड कैडर बदलने के लिए कैट ने केन्द्र सरकार को दो माह का समय दिया था। दो माह का समय बीत जाने के बाद संजीव की ओर से 10 अगस्त को अदालत के आदेश नहीं मानने संबंधी अदालती अवमानना का नोटिस भेजा गया।
इसके बाद 12 अगस्त को संजीव के हरियाणा से उत्तराखंड कैडर ट्रांसफर पर एसीसी की मुहर लगी। संजीव के कैडर ट्रांसफर की जानकारी प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय केअलावा हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्य सचिव के साथ ही संजीव चतुर्वेदी को भी भेजी गई है। अब केवल उन्हें कार्यमुक्त करने की अधिसूचना जारी होना शेष है।
मैं उत्तराखंड में काम करने के लिए काफी उत्सुक हूं। अब केवल वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना जारी होने का ही इंतजार है। जल्द ही उत्तराखंड में ज्वाइनिंग दूंगा। उत्तराखंड देवभूमि है और अधिकतम क्षेत्र वन का है। काम में पारदर्शिता मेरी पहली प्राथमिकता होगी।
- संजीव चतुर्वेदी, आईएफएस