उन्होंने कहा कि 57 विधायकों की सरकार को दागदार करने की इन अधिकारियों की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। बाजपुर में किसानों की एक इंच जमीन भी नहीं लेने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पहले ही लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में इन अधिकारियों की ओर से मानवता दिखाने के बजाय सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाजपुर के किसानों की एक-एक इंच जमीन को बचाना और उनके अधिकारों की सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है।
यह है मामला
बाजपुर में करीब 5000 एकड़ भूमि पर हजारों लोग बसे हुए हैं। बताया गया है कि जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से भूमि क्रेता को पूर्व में एक नोटिस दिया गया था कि भूमि की लीज पूरी हो चुकी है। जबकि कई लोगों के पास इस भूमि की रजिस्ट्री है, भूमि के बेनामे भी हो रखे हैं।
राज्यमंत्री रेखा आर्या भी जता चुकी हैं अफसरशाही पर नाराजगी
ऐसा नहीं है कि कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ही अफसरशाही से अकेले नाराज हों। इससे पहले हाल ही में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य भी अफसरशाही पर नाराजगी जता चुकी हैं। विभाग में भ्रष्टाचार की आरोपी एक डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई न होने पर मंत्री रेखा आर्य का कहना था कि अधिकारियों की ओर से उनके निर्देश का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया। उनका यह भी कहना था कि इस मामले कि वह मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगी।