बड़े उद्योगों लगाने पर अनुदान, स्टाम्प डयूटी में भी छूट
मेगा पॉलिसी के तहत सरकार राज्य में बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए लार्ज इंडस्ट्री को 10, अल्ट्रा लार्ज को 12, मेगा को 15 और अल्ट्रा मेगा इंडस्ट्री को 20 प्रतिशत तक अनुदान देगी। यह क्रमश: आठ, 10, 12 तथा 15 वर्षों में उद्यमों को वाणिज्यिक उत्पादन में आने के बाद वार्षिक किस्तों में दिया जाएगा। साथ ही भूमि खरीद की लीज डीज पर लागू स्टाम्प डयूटी में 50 प्रतिशत जो 50 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा, की प्रतिपूर्ति भी करेगी। नीति जारी होने की तिथि से प्रभावी होकर पांच साल तक लागू रहेगी। पहाड़ में बड़े उद्योग लगाने पर श्रेणी ए में दो और बी में एक प्रतिशत की अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान देगी। इन उद्योगों को स्थायी रोजगार भी देना होगा।
सेवा क्षेत्र में निवेश पर विकसित क्षेत्रों की सब्सिडी बंद
कैबिनेट सेवा क्षेत्र नीति में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, मुनि की रेती व नैनीताल सरीखे विकसित क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र में निवेश पर नीति के तहत सब्सिडी नहीं मिलेगी।
कैशलेस इलाज में कर्मचारियों को राहत
राज्य आयुष्मान योजना के तहत राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के गोल्डन कार्ड पर बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कर्मचारियों के इलाज में अब कठिनाई नहीं आएगी। कैबिनेट ने लंबित बिलों के भुगतान के लिए 75 करोड़ रुपये की पहली किस्त का प्रावधान कर दिया है। इस धनराशि स्वास्थ्य विभाग को ऋण के रूप में दी जाएगी।
हल्द्वानी व दून मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के तीमारदारों को मिलेगी सुविधा
कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून व हल्द्वानी के समीप रोगियों के तीमारदारों के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से विश्रामगृह बनाने को मंजूरी दी। इसके लिए सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी। यहां न्यूनतम दरों पर आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी।
ये फैसले हुए
- मिथाइल एल्कोहॉल अब विष की श्रेणी में होगा। कैबिनेट ने उत्तराखंड विष (कब्जा और विक्रय) नियमावली में यह प्रावधान कर दिया है।
- 2019 से पूर्व नियुक्त हुए सहायक लेखाकार व लेखाकारों की वेतन विसंगति को दूर करने के लिए कैबिनेट ने पुरानी सेवा नियमावली लागू करने की मंजूरी दी।
- राज्य बांध सुरक्षा संगठन तैयार वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- उत्तराखंड निबंधन लिपिक वर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली, 2025 के प्रस्ताव पर भी लगी मुहर।
- उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचें में 11 अतिरिक्त पद सृजित करने को भी मंजूरी।