ये भी हुए अहम फैसले
- उत्तराखंड मोटरयान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी। परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण होगा। इसके तहत आरटीओ प्रवर्तन, प्रवर्तन चालक वर्दी पहनेंगे।
- उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 मंजूर। अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी होंगे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य। एसिड अटैक पीड़िता को भी मिलेगा निशुल्क सेवा का लाभ।
- औद्योगिक विकास विभाग के तहत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर सात रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर आठ रुपये प्रति क्विंटल करने को मंजूरी।
- पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत छह प्रतिशत वैट की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार ही वाणिज्य कर विभाग ने अपनी नियमावली में छह प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
- परिवहन विभाग की ओर से 250 रोडवेज बस खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी।
- परिवहन विभाग के पूर्व में शासन से मंजूर 100 रोडवेज बसों की खरीद के मामले में संशोधन को मंजूरी। जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत होने के कारण अब 109 बसों के खरीद प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर।
- विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है तो उसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। भविष्य के लिए एक स्पष्ट एसओपी बनाई जाएगी, ताकि सभी विभागों और आयोगों में इस पर स्पष्टता रहे।
- सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका रजनीश कुमार पांडे व अन्य बनाम भारत सरकार पर 28 अक्तूबर 2021 को निर्णय पारित हुआ था। उसके अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली को मंजूरी।
- उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी। पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के 62 पद सृजित थे लेकिन उनकी सेवा नियमावली प्रख्यापित नहीं थी। इस कारण अध्यापकों के प्रमोशन प्रभावित हो रहे थे।
- लोक निर्माण विभाग में वर्ष 2023 में जेई के 2010 पदों पर भर्ती हुई थी। इसमें दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी न मिलने के कारण सात आरक्षित पदों पर सामान्य अभ्यर्थी भर्ती किए गए थे। इस पर हाईकोर्ट का आदेश आया था, जिसके तहत अब सात पद अलग से दिव्यांग श्रेणी के सृजित किए जाएंगे।
- एक जनवरी 2026 को कैबिनेट के फैसले के तहत पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा और विधिमान्य अधिनियम के संबंध में 16 जनवरी 2026 को वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन देने व उनकी सेवा की गणना के संबंध में शासनादेश जारी हुए थे, जिस पर कुछ कार्मिक हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था, जो मंत्रिमंडल के संज्ञान में लाया गया।
- उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध डी श्रेणी के ठेकेदारों के लिए निविदा सीमा को एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने का प्रस्ताव मंजूर।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब प्रदेश के उन 21 अशासकीय महाविद्यालयों में भी मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें नियमित प्राचार्य हैं।