आयुष्मान भारत योजना इस राज्य में अब अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के नाम से जानी जाएगी। सोमवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इसे 25 सितंबर से लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसका लाभ राज्य के सभी 22 लाख परिवारों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने लगभग तीन हजार प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विलय को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि सरकारी कर्मचारियों को पांच साल में एक भी प्रतिकूल प्रविष्टि मिलने पर वह प्रमोशन की दौड़ से बाहर हो जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। यह बैठक पहले 29 अगस्त को होनी थी लेकिन इस तिथि में सीएम के दिल्ली में कार्यक्रम को देखते हुए बैठक आज बुलाई गई। फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री और उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि बैठक में कुल 20 प्रस्ताव पास हुए। प्रस्तावों पर चर्चा के पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया गया। इसके बाद सर्वप्रथम देहरादून में 18, 19, 20 और 24 सितंबर को विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को चर्चा के बाद पास किया गया।
बैठक में आयुष्मान उत्तराखंड का नाम अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना (आयू) करने का फैसला किया गया। इस योजना को 25 सितंबर से राज्य भर में लागू किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही राज्य का प्रत्येक परिवार इस योजना में कवर होगा। इन्हें पांच लाख तक के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था दी जाएगी। इसी तरह कार्मिक विभाग के एक प्रस्ताव में राज्य कर्मचारियों (लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर) को प्रमोशन पाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता से काम करना पड़ेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत पांच सालों की सेवा में यदि किसी कर्मचारी की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि में किसी एक साल में सत्यनिष्ठा संदिग्ध की गई है, तो वह प्रमोशन के लिए पात्र नहीं होता है। मगर कैबिनेट से पास हुए ताजा प्रस्ताव के तहत यदि उसे पांच सालों की सेवा में किसी एक साल भी प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) मिल जाती है तो भी वह प्रमोशन की रेस से बाहर हो जाएगा।
इसके अतिरिक्त दस या दस से कम छात्र संख्या वाले 2425 प्राथमिक और 291 उच्चतर माध्यमिक स्कूलों को नजदीक के स्कूल में विलय को मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट ने गोविंद घाट एवं घाघरिया रोप-वे एवं देहरादून मसूरी रोप-वे बनाने के लिए मुख्य सचिव एवं सचिव की अध्यक्षता में बनाईं गईं समितियों के प्रस्ताव को मंजूरी भी दी है। इसी प्रकार उत्तराखंड राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम एवं पैक्स सहकारी समिति के लिए 3641.92 करोड़ रुपये के कर्ज को सैद्धांतिक मंजूरी के बाद प्रथम चरण में 429.82 करोड़ रुपये की गारंटी को स्वीकृति दी गई है।