केंद्र सरकार से पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण विनियम-2022 में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर उद्योगों को कुल भूखंड क्षेत्रफल में फर्श क्षेत्रफल अनुपात (एफएआर), ऊंचाई व पार्किंग के मानकों में छूट दी गई। अब कुल भूखंड के 70 प्रतिशत में उद्योग भवन निर्माण कर सकेंगे।
वित्त मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहायता योजना शुरू की है। योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए वर्तमान में उत्तराखंड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण विनियम-2022 में संशोधन कर कुछ सुधार किए हैं। इसके बाद वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। विशेष सहायता योजना में सुधार करने पर केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये राशि दी जाएगी।
वर्तमान में उत्तराखंड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण विनियम के तहत ग्राउंड कवरेज भूखंड क्षेत्रफल के अनुसार 55 से 65 प्रतिशत तक होता है। प्रदेश में उद्योगों के लिए भूमि की कमी है। जिससे उपलब्ध भूमि का अधिक उपयोग करने के लिए छूट दी गई है।