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एक महीने तक पुराने रेट पर ही बिकेगी शराब, जानिए कैबिनेट बैठक में क्या रहा खास

Thu, 27 Apr 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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vidhansabha - फोटो : file photo
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मई माह के दौरान भी शराब की बिक्री पुरानी आबकारी नीति के आधार पर होगी। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पुरानी आबकारी नीति को ही फिर से एक माह के लिए बढ़ाए जाने का फैसला लिया गया। नई आबकारी नीति अब कैबिनेट की अगली बैठक में लाई जा सकती है। 
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विधानसभा चुनाव की वजह से प्रदेश की नई आबकारी नीति तैयार नहीं हो सकी थी। पुरानी आबकारी नीति 31 मार्च को समाप्त हो रही थी। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने अप्रैल माह के लिए पुरानी आबकारी नीति बढ़ा दी थी।

प्रावधान किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शराब की जो दुकानें शिफ्ट हुई है उनके राजस्व में पांच फीसदी और शिफ्ट नहीं होने वाली दुकानों के राजस्व में 25 फीसदी की वृद्धि की जाए।
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तमाम कोशिशों के बाद भी आबकारी विभाग के अधिकारी शराब की दुकानों को शिफ्ट कराने में सफल नहीं हुए हैं और विभाग को राजस्व के मद में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया जा रहा था कि नई आबकारी नीति मई महीने से लागू हो जाएगी। 

बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग में नई आबकारी नीति लाने की पूरी तैयार थी, लेकिन ऐन मौके पर सरकार ने अपने कदम पीछे खिंच लिए। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि शराब की दुकानों के शिफ्ट नहीं से सरकार चिंतित है।
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 शराब की दुकानें शिफ्ट कराने में भी अधिकारी विफल 

इसके साथ ही शराब की दुकानों को लेकर जो आंदोलन चल रहा है सरकार उसकी अनदेखी नहीं करना चाहती है। ऐसे में सरकार ने अभी वेट एंड वाच की नीति पर अमल करने की योजना बनाई है। 
  नई आबकारी नीति के प्रस्ताव में नहीं था कुछ नया 
आबकारी के अधिकारियों ने नई नीति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया था उस पर सहमति नहीं बन सकी। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने नई आबकारी नीति में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया था।

पुरानी आबकारी नीति में थोड़ा बहुत बदलाव कर उसे कैबिनेट की मीटिंग में रखने के लिए तैयारी कर ली गई थी। बुधवार को अधिकारी पुराने दिन सचिवालय में नई आबकारी नीति को लेकर मंथन करते रहे। आबकारी मुख्यालय के चुनिंदा अधिकारी सचिवालय में दिन भर चहलकदमी रहते रहे। जानकारी के मुताबिक सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नई आबकारी नीति नये तरीके से तैयार की जाए। 

शराब की दुकानें शिफ्ट कराने में भी अधिकारी विफल 
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बंद हुई शराब की दुकानों को शिफ्ट कराने में आबकारी विभाग के अधिकारी विफल रहे हैं। ठोस योजना के अभाव में दुकानों को शिफ्ट नहीं किया जा सके। प्रदेश में अभी तक शराब की 526 दुकानों में से 330 के करीब ही खुल चुकी हैं। लगभग दो सौ दुकानों के नहीं खुलने से विभाग को अप्रैल माह के दौरान 90 से 100 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। 
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