छात्र हो रहे परेशान
सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, कक्षा आठ से 12वीं तक के एससी-एसटी और छात्राओं को किताबें खरीदने के लिए खाते में डीबीटी के जरिये पैसा भेजा जाता है। प्राइवेट स्कूलों के छात्र-छात्राओं और आठवीं से 12वीं तक के अन्य छात्र-छात्राओं को बाजार से किताब खरीदनी होती है। इन्हीं किताबों के प्रकाशन के लिए टेंडर प्रक्रिया लटकी हुई थी।
एनसीईआरटी किताबों पर कब क्या हुआ
23 अगस्त 2017 - एनसीईआरटी किताबें लागू करने का शासनादेश जारी
16 मार्च 2018- किताबें खरीदने के लिए पैसा डीबीटी किए जाने का निर्णय हुआ और प्रिंटिंग व कागज खरीदे का टेंडर निरस्त कर अल्पकालिक निविदा आमंत्रित करने का निर्णय
09 अप्रैल 2018- एकल निविदा प्राप्त होने पर कार्यवाही के निर्देश
20 अप्रैल 2018- दोबारा निविदा असफल होने पर फिर अल्पकालिका निविदा के निर्देश
21 अप्रैल 2018- महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की संस्तुति पर सुरक्षा धनराशि (परफोरमेंस सिक्योरिटी) को पांच से घटाकर एक फीसदी करने का फैसला हुआ।