यमुनोत्री हाईवे पर रिखाऊं खड्ड के पास हुई बस दुर्घटना के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर था। हादसे के बाद बस के परखच्चे उड़े हुए थे। वहीं यात्रियों के शव पेड़ों से लटक रहे थे। आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लेने वाले हाकम किसी तरह खाई में उतरे। उन्होंने तत्काल डीएम, एसपी और सीओ को घटना की जानकारी दी।
विकासखंड मोरी के जखोल वार्ड नंबर 22 से जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ने बताया कि वह रविवार को देहरादून से उत्तरकाशी के लिए चले थे। हादसे का शिकार होने वाली बस उनके आगे-आगे चल रही थी। वह बस से आगे निकलना चाहते थे, लेकिन लगातार गाड़ियों के आने के चलते वह आगे नहीं निकल पाए। इसी बीच आगे चल रही बस में ऐसा लगा कि जैसे उसका स्टेयरिंग फेल हुआ या फिर ड्राइवर को नींद की छपकी आ गई।
बस सीधे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद हाकम सिंह अपने कुछ साथियों के साथ खाई में उतरे जहां पेड़ों पर लोगों के शव लटक रहे थे। चारों तरफ यात्रियों का सामान फैला हुआ था। चीख-पुकार का मंजर था। उन्होंने मौके से ही दुर्घटनास्थल के फोटो जारी किए, जिसके बाद सिस्टम हरकत में आया।
मुआवजे की घोषणा
सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची है। बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे हैं। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान भी देहरादून पहुंच गए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
सामने से आ रहे वाहन को पास देने के चक्कर में खोया नियंत्रण
रिखाऊं खड्ड के समीप जिस स्थान पर मध्य प्रदेश के यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहां पर भी सड़क काफी चौड़ी थी। लेकिन सामने से आ रहे वाहन को पास देते समय चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा। बताया जा रहा है कि वाहन तेज गति में था। तेज रफ्तार होने के कारण पास देते समय वाहन सड़क से बाहर निकल गया और गहरी खाई में जा गिरा। 26 तीर्थयात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।