फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः बजट सत्र से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छेड़ा स्थायी राजधानी का राग 

Sun, 16 Feb 2020 03:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

गैरसैंण में बजट सत्र की तैयारी के बीच कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्थायी राजधानी का राग छेड़ा है। रावत ने कहा कि वे गैरसैंण को राजधानी बनाने का तुगलकी फरमान जारी कर देते तो बेहतर होता। फेसबुक पर जारी पोस्ट में इस बार हरीश रावत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान के दो विधानसभा सत्रों को याद किया है।

विज्ञापन


रावत ने लिखा कि उत्तराखंड एक रस्मी राज्य बन गया है। बड़े बदलाव के लिए एक झन्नाटेदार निर्णय की जरूरत होती है। यह निर्णय कल भी गैरसैंण था और आगे भी गैरसैंण ही रहेगा। इससे आगे रावत ने लिखा कि बतौर मुख्यमंत्री उन्हें भराड़ीसैंण में पहला बजट सत्र आयोजित कराने के साथ ही गैरसैंण को राजधानी के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव पारित करा लेना चाहिए था।

हालांकि, यह तुगलकी फरमान होता, लेकिन आने वाले समय में यह फरमान उत्तराखंड के लिए वरदान बन जाता। रावत ने लिखा- मेरा संकल्प, मोदी प्रेम की आंच में जल गया। हकीकत यह है कि आज उत्तराखंड पलायन, विपन्नता, गरीबी आदि का उत्तर खोज रहा है तो उसे गैरसैंण को अपणुसैंण (अपना) बनाना ही होगा। वर्तमान सरकार ऐसा नहीं कर रही है। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन

तुगलकी फरमान हमेशा के लिए अमर हो गया

रावत के मुताबिक मोहम्मद बिन तुगलक ने दिल्ली से दौलताबाद राजधानी ले जाने का फैसला किया और सारा तामझाम लेकर निकल पड़ा। अच्छा कदम था, मगर व्यावहारिक नहीं था। इसके बावजूद तुगलकी फरमान अमर हो गया। मैं भी अमर हो जाता। मैं कमतर ही सही, गैरसैंण का जागरिया (देवों का आह्वान करने वाला) हूं। जागर लगाता ही रहूंगा। 

सरकार गिराने को लेकर किशोर ने आगाह किया था

रावत ने लिखा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि गैरसैंण के दो विधानसभा सत्रों के दौरान वे सरकार गिराने की पुष्ट जानकारी से बेखबर रहे। किशोर उपाध्याय (उस समय पार्टी प्रदेश अध्यक्ष) ने उन्हें आगाह भी किया था, लेकिन उन्होंने सोचा कि ऐसा पाप कोई क्यों करेगा। 
 
मैं उत्तराखंड कांग्रेस का निलंबित सिपाही

असम के लिए रवाना होने से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और असम प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर खुद को उत्तराखंड कांग्रेस का निलंबित सिपाही बताया है। रावत ने लिखा, ‘मैं उत्तराखंड कांग्रेस का निलंबित सिपाही हूं और असम कांग्रेस का नियमित सिपाही’। इसके साथ ही रावत ने लिखा कि उन्हें तुरंत असम जाना पड़ रहा है और उत्तराखंड के कार्यक्रमों में वे शामिल नहीं हो पाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें