प्रदेश में बने मल्टी लॉजिस्टिक हब
सीआईआई उत्तराखंड की अध्यक्ष सोनिया गर्ग ने कहा कि दो दशक में उत्तराखंड ने औद्योगिक क्षेत्र में काफी विकास किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश में मल्टी लॉजिस्टिक हब बनना चाहिए। इसके अलावा प्रदेश में सीमित लैंड बैंक को देखते हुए सिडकुल के औद्योगिक क्षेत्र से बाहर लगने वाले उद्योगों को नक्शा पास करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
नए पर्यटन क्षेत्र किए जाएं विकसित
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नये क्षेत्र विकसित किए जाएं। मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल में पार्किंग सुविधा के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। प्रदेश के अर्थव्यवस्था को दिशा देने में व्यापारी व उद्यमियों की अहम भूमिका है। लिहाजा व्यापारियों को आपदा या अन्य कारणों से नुकसान होने पर बीमा की व्यवस्था की जाए।
मौनपालन के लिए बढ़ाई जाए सब्सिडी
चंपावत के मौनपालक हरीश जोशी ने कहा कि सरकार की ओर मौनपालन के लिए बॉक्स पर 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। लेकिन अन्य सामग्री पर सब्सिडी बढ़ाई जाए। इसके अलावा उत्पादों के लिए मार्केटिंग व्यवस्था और जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बजट में प्रावधान किया जाए।
हर जिले में बने एकीकृत अर्थव्यवस्था सेंटर
इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि सरकार की ओर से नीतियों तो बनाई जा रही है। लेकिन लाभ देने के बजाय विभागों की ओर से भ्रामक स्थिति पैदा की जा रही है। इसके लिए एक शिकायत निवारण सैल बनाया जाए। हर जिले में एकीकृत अर्थव्यवस्था सेंटर बनाने और उद्योगों को उत्पादन व रोजगार के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
होम स्टे का बढ़ाया जाए बजट
प्रधान संघ ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष भास्कर ने सुझाव दिया कि होम स्टे का बजट बढ़ाया जाना चाहिए। कई युवा स्वरोजगार के लिए होम स्टे बनाने के लिए आगे आ रहे हैं। किसानों के लिए ऋण को आसान बनाया जाए।