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एक क्लिक में पढ़िए, उत्तराखंड का पूरा बजट (2014-15)

Thu, 06 Feb 2014 11:56 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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कुल आय-29825.16 करोड़
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राजस्व-24474.46

कुल व्यय-30353.78 करोड़
राजस्व व्यय-23792.03

पढ़ें, बजट में की आपदा से उबरने की कोशिश

राजस्व सरप्लस-682.43 करोड़
राजकोषीय घाटा-4075.83 करोड़

योजनागत व्यय-11677.23 करोड़
गैर योजनागत व्यय-18676.55 करोड़

राज्य की ‍आय और व्यय का ‌व‌िवरण

यहां खर्च हो रहा है पैसा
वेतन, भत्ते आदि-31.73 प्रतिशतराज सहायता-12.18 प्रतिशतनिर्माण कार्य-17.29 प्रतिशतपेंशन-7.87 प्रतिशत
यहां से आता है पैसा
स्वयं का कर राजस्व-26.54 प्रतिशतकरेत्तर राजस्व-5.98 प्रतिशतकेंद्रीय करों में राज्यांश-13.68 प्रतिशतकेंद्र से सहायता अनुदान-34.77 प्रतिशतलोक ऋण-17.55 प्रतिशतराज्य पर कर्ज-31051.52 करोड़ रुपयेजीडीपी-137366 करोड़विकास दर-12.6 प्रतिशत
आय का अनुमान
होटल प्राप्ति कर-16 करोड़भू राजस्व-9.05 करोड़स्टांप तथा पंजीकरण-708.79 करोड़वैट-5459.01 करोड़वाहन कर-360 करोड़विद्युत कर-100 करोड़वस्तु़ओं और सेवाओं पर शुल्क-25 करोड़राज्य उत्पाद शुल्क-1345.40 करोड़

इन विभागों पर रहा बजट में फोकस

सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और लघु सिंचाई-1229.24 करोड़
पेयजल-567.67 करोड़
सड़क एवं पुल-1407.79 करोड़
औद्योगिक विकास-105.67 करोड़

आवास एवं शहरी विकास-789.88 करोड़
समाज कल्याण-963.40 करोड़
वन एवं पर्यावरण-526.29 करोड़
कृषि-394.26 करोड़

पढ़ें,उत्तराखंड के सीएम का 'चेहरा' बदलने की कवायद

स्वास्थ्य-1014.74 करोड़
विद्यालय शिक्षा-4551.94 करोड़
आपदा प्रबंधन-1693.48 करोड़
ग्राम्य विकास-993.05 करोड़
पंचायत-82.48 करोड़
पर्यटन-165.26 करोड़

ये रहे बजट के मुख्य बिंदु

जेंडर बजट
3708 करोड़, पिछले बजट से 14 प्रतिशत अधिक
किसान
60 वर्ष व अधिक आयु के खेती करने वाले लघु सीमांत कृषकों को वृद्धावस्था पेंशनमुख्यमंत्री राहत कोष से आपदा प्रभावित गन्ना किसानों को दी अनुग्रह सहायता के अतिरिक्त 10 प्रतिशत धनराशिपर्वतीय क्षेत्रों में फलों आदि की खेती एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उपक्रम की स्थापना।कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए क्लस्टर आधारित कार्य योजना बनेगीबीजू फलों को कलमी फलों के रूप में प्रतिस्थापित करने के लिए राज्य में नर्सरियां बनेंगी।गन्ना किसानों के हितों को देखते हुए गन्ना मूल्य का भुगतान दो किश्तों में करने का प्रतिबंध निरस्त कर गन्ना मूल्य का भुगतान एक मुश्त किया जाएगा।पर्वतीय जिलों में चकबंदी, एक करोड़ रुपये की व्यवस्था हर चकबंदी अपनाने वाले गांव के लिए की जाएगी।
अन्य ब‌िंदु
कुपोषित इलाकों में प्रति राशन कार्ड दो किलो नमक, एक किलो सामान्य दाल एवं एक किलो पर्वतीय दाल मिलेगी।कलियर शरीफ में ऊर्दू एवं फारसी अकादमी तथा देहरादून में पंजाबी अकादमी का निर्माण होगा।राज्य के राज शिल्पियों, काष्ट शिल्पियों, माटी शिल्पियों एवं वृद्ध पुरोहितों, ग्रंथियों, मौलवियों एवं पादरियों के लिए विशेष पेंशन योजनाराज्य में 9 नई तहसीलों का सृजन किया जाएगा।पूर्व मंत्री गुलाब सिंह के नाम से जनजातियों की सांस्कृतिक विधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हिमालय संग्रहालय में अलग व्यवस्था की जाएगी।विकलांगों को स्वरोजगार के लिए वीर चंद्र गढ़वाली योजना की परिधि के तहत उद्योग स्थापना के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी।बाबू जगजीवन राम के नाम पर भगवानपुर में अनुसूचित जाति के लिए कक्षा 1 से 12 तक के  आवासीय विद्यालय। पांच लाख की आबादी वाले प्रत्येक जनपद में एक विद्यालय खुलेगा।
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पर्यटन स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार पर भी ध्यान

पर्यटन/तीर्थाटन
60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में भ्रमण के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा।
सुख साधन कर निर्धारण छमाही केस्थान पर अब वार्षिक

कानून व्यवस्था
अवैध खनन निरोधक सतर्कता इकाई की तर्ज पर संगठित आर्थिक अपराध, अवैध भूमि खरीद फरोख्त व राजकीय भूमि कब्जा वालों के खिलाफ कार्यवाही के लिए इकाइयां सृजित होंगी।

स्वास्थ्य
चार जनपदों चमोली (गौचर), (गहड़ खिर्सू) पौड़ी, (भतरौजखान) अल्मोड़ा और टिहरी में पशु चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाएंगे।प्रदेश में 15 नए ट्रामा सेंटर खोले जाएंगे।अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत बाबा साहेब भाम राव अंबेडकर के नाम पर पिथौरागढ़ और भगवानपुर में मेडिकल कालेज खुलेंगे।
व्यापार
वाणिज्य कर के फार्म 11 की मौद्रिक सीमा समाप्तपके भोजन पर कर की दर को 13.5 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया।
आपदा प्रबंधन
आपदा से निपटने के लिए प्रदेश को 25 सेक्टरों में विभाजित किया, प्रत्येक सेक्टर को वित्तीय एवं प्रशासनिक दृष्टि से एक परिपूर्ण इकाई बनाया जाएगा।एक्टिव फ्लड जोन चिह्नित किए जाएंगे
शिक्षा
11 राजकीय विद्यालयों में आईटी तथा आटो मोबाइल तकनीकी के व्यवसायिक पाठ्यक्रम
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