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8 साल के सद्भाव बने शतरंज के 'सरताज', हासिल किया एशिया के नंबर वन खिलाड़ी का खिताब

Fri, 11 Jan 2019 10:36 AM IST
अलका त्यागी गंगा प्रसाद उनियाल/अमर उजाला, हल्द्वानी
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सद्भाव रौतेला
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उत्तराखंड के एक और होनहार नन्हे चैंपियन ने शतरंज में अपने दिमाग का लोहा मनवाया है। बागेश्वर निवासी आठ साल के सद्भव रौतेला भारत के पहले जूनियर ग्रैंड मास्टर चमोली गैरसैण के नौगांव कलोनी के परिमार्जन नेगी की राह पर हैं।

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फिडे की ओर से जारी ताजा सूची में 1800 रेटिंग अंक हासिल कर सद्भव एशिया के नंबर वन खिलाड़ी बन गए हैं। सद्भव ने यह उपलब्धि हासिल कर उत्तराखंड के साथ ही देश का भी मान बढ़ाया है। 

फिडे की जो ताजा रेटिंग जारी हुई है उसमें सद्भव ने अंडर-9 आयु वर्ग में उजबेकिस्तान के खुमोयुन बागमुरातोव को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। पिछले साल 28 नवंबर से छह दिसंबर को दिल्ल में खेली गई नेशनल जूनियर चेरा प्रतियोगिता में आठ साल के सद्भव रौतेला ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 54 ईएलओ प्वाइंट हासिल किए।

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बड़े भाई सक्षम भी आईएम बनने की होड़ में

इस प्रतियोगिता ने  वर्ष 2016 से नेशनल जूनियर चेरा चैंपियन कुमार गौरव और18वीं नॉर्थ ईस्ट चैंपियन राहुल गुरुंग को ड्रा पर रोकने के साथ ही उन्होंने 1800 ईएलओ रेटिंग प्वाइंट को छू लिया। इसके बाद वह एशिया में पहले स्थान पर आ गए।

सद्भव इससे पहले अगस्त 2018 में 1617 रेटिंग प्वाइंट के साथ नेशनल अंडर-8 वर्ग में पहले स्थान पर थे। चेस एसोशिएशन आफ उत्तरांचल के महासचिव संजीव चौधरी और अध्यक्ष धीरज सिंह रघुवंशी ने सद्भव रौतेला को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 

सद्भव के बड़े भाई समक्ष रौतेला ने भी शतरंज के इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं। इनके वर्तमान में 2123 रेटिंग अंक है। हाल ही में मुंबई में हुए आईआईएफएल टूर्नामेंट में सक्षम ने जीएम (ग्रैंड मास्टर) कैटेगरी में खेलते हुए दो जीएम को हराया और एक आईएम के साथ ड्रा खेला। जिसके बाद उन्होंने 86 रेटिंग प्वाइंट हासिल तो किए लेकिन मामूली से रेटिंग अंक हासिल न कर पाने से अपना पहला इंटरनेशनल मास्टर(आईएम) नार्म लेने से चूक गए।
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