एवरेस्ट फतह करने वाले धारचूला के करन ग्वाल 2012 में बेस कैंप तक अभ्यास के तौर पर गए थे। 2017 में वह बेस कैंप चार तक पहुंच गए थे लेकिन उनकी टीम के अन्य सदस्यों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से उन्हें लौटना पड़ा था।
दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष पूरन सेलाल, महासचिव जगत सिंह दताल, रं कल्याण संस्था धारचूला इकाई अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल और रं यूथ फोरम अध्यक्ष पूरन ग्वाल ने खुशी जताई है। करन ग्वाल की इस कामयाबी से परिवार में खुशी का माहौल है। करन की पत्नी मीरा ग्वाल, पुत्र आयुष ग्वाल, पुत्री प्राची ग्वाल और रिश्तेदार गणेश ढकरियाल ने मिष्ठान वितरण किया।