उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में पुत्र के लगातार तीन बार फेल होने से क्षुब्ध राजमिस्त्री ने जहर खा लिया। परिजनों ने उसे रानीखेत राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
चौखुटिया के महाकालेश्वर निवासी एक व्यक्ति राजमिस्त्री का काम करते हैं। इस साल उनके पुत्र ने इंटर और पुत्री ने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बृहस्पतिवार को नतीजे आने थे, इससे राजमिस्त्री दोनों बच्चों के पास होने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन पुत्र के तीसरे साल भी लगातार फेल होने की सूचना से वह आहत हो गए।
हालांकि बेटी पास हो गई है। बेटे के फेल होने से क्षुब्ध जीवनराम ने दोपहर में जहर खा लिया। परिजन राजमिस्त्री को राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय चौखुटिया ले गए, जहां से उन्हें राजकीय अस्पताल रानीखेत रेफर कर दिया गया। राजकीय अस्पताल में डॉ. विपिन चंद्र और डॉ. कमल किशोर की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। वह 24 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे।