उनके पिता सुरेंद्र कुमार स्योहारा चीनी मिल में लिपिक हैं। जबकि मां सरिता गृहणी हैं। दिव्यांशी ने बताया कि उसने रोजाना छह घंटे बिना तनाव के पढ़ाई की। दिव्यांशी सुबह साढ़े तीन बजे उठ जाती थीं। स्कूल के अलावा वह तीन कोचिंग लेती थी। दिव्यांशी बताती हैं कि घरवालों ने भी उसे काफी सपोर्ट किया। पढ़ाई की खातिर घर में टीवी तक नहीं लगवाया। दिव्यांशी ने भी सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप से दूरी बनाकर रखी।
बेटियों का रहा दबदबा
उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल परीक्षा में बेटियों ने परचम फहराया है। इंटरमीडिएट में ऊधमसिंह नगर जिले के महुवाडाबरा (जसपुर) की दिव्यांशी राज ने 98.40 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया तो खटीमा के सचिन चंद ने 97.40 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल किया। नैनीताल के गर्वित कुमार तीसरे स्थान पर रहे। उनको 96.60 फीसदी अंक प्राप्त हुए। हाईस्कूल में खटीमा की काजल प्रजापति ने 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया।
दूसरा स्थान ऊधमसिंह नगर जिले के ही नानकमत्ता के रोहित चंद्र जोशी ने 98 फीसदी अंकों के साथ हासिल किया। तीसरे स्थान पर रहे रुद्रप्रयाग के जतिन पुष्पवाण, श्रीनगर-पौड़ी गढ़वाल के सिद्धांत कोटियाल और काशीपुर की अमरीन मंसूरी को 97.80 प्रतिशत अंक मिले। पास प्रतिशत के लिहाज से हाईस्कूल और इंटर दोनों में बागेश्वर जिला प्रथम और हरिद्वार जिला सबसे फिसड्डी साबित हुआ।