पात्रता मानदंड
हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में अधिकतम दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को इस सुधार परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसी तरह, इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राएं भी अंक सुधार परीक्षा दे सकते हैं। यह प्रावधान उन विद्यार्थियों के लिए है जो अपनी मार्कशीट में सुधार करना चाहते हैं।