विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी शिक्षकों को भी वैक्सीन नहीं लगी। ऐसे में छात्रों का नंबर कब आएगा कुछ कहा नहीं जा सकता। उधर अभिभावकों का कहना है कि बिना वैक्सीनेशन एवं अन्य सुरक्षा इंतजाम के परीक्षा कराया जाना ठीक नहीं है। अधिकतर अभिभावक परीक्षा कराए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
प्रदेश में मात्र 30 हजार शिक्षकों को वैक्सीन लगी है। कोविड के खतरे को देखते हुए 12वीं के छात्रों को हाईस्कूल के छात्रों की तर्ज पर प्रमोट किया जाना चाहिए। अभिभावक परीक्षा के पक्ष में नहीं हैं।
- आरिफ खान, अध्यक्ष नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट राइट्स
परीक्षा से पहले शिक्षकों के वैक्सीनेशन का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी छात्रों को वैक्सीन लग पाना संभव नहीं है, परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा।
- अरविंद पांडे शिक्षा मंत्री