उन्होंने एसआरएफ फाउंडेशन की मदद से डिजिटल स्मार्ट क्लास के लिए तैयार मोबाइल लैब और अगस्त्य फाउंडेशन की ओर से तैयार मोबाइल लैब की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल लैब हर बड़े शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में भेजी जाए, जिससे बच्चे सरलता से कंप्यूटर शिक्षा व प्रयोगों को समझ सकें।
कार्यक्रम के दूसरे दिन पहले सत्र में बच्चों की पारंपरिक वाद्य यंत्र, मौलिक लेखन और ‘मुझे बालिका होने पर गर्व है’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। दूसरे सत्र में साइबर एक्सपर्ट अंकुर चंद्रकांत, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भवानी पाल और मनोवैज्ञानिक राशि भटनागर ने बच्चों को तकनीक के समुचित प्रयोग, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और अपने लिए योग्यता व इच्छानुसार व्यवसाय चयनित करने की सलाह दी।
इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा सचिव भूपिंदर कौर औलख, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल, संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी, कुलदीप गैरोला, प्रदीप रावत, हिमानी बिष्ट, राय सिंह रावत, विक्रम सिंह नेगी, पुष्पा रानी वर्मा, मनोरमा बर्त्वाल समेत अन्य मौजूद रहे।