उत्तराखंड भाजपा में दागियों को एडजस्ट करने वाले विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी तक इस मुद्दे पर भाजपा के कुल 18 विधायकों लामबंद हो चुके हैं।
इन विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से शिकायत की थी। लेकिन विधायकों का एक खेमा प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व महामंत्री (संगठन) की संयुक्त कमेटी बनाए जाने से भी नाराज है।
प्रदेश प्रभारी से शिकायत
दागी नेताओं को संगठन में एडजस्ट करने के मामले में कुछ होता नहीं देख सात आठ विधायकों ने राष्ट्रीय सचिव त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात कर अपनी बात रखी। सूत्र बताते हैं कि त्रिवेंद्र ने इस मामले पर केंद्रीय नेतृत्व से बात करने का भरोसा दिया है।
पार्टी के लगभग 18 विधायकों (इनमें से कुछ पुरानी सरकार में मंत्री भी रहे हैं) ने केंद्रीय नेतृत्व व प्रदेश प्रभारी से पहले ही शिकायत कर रखी है। विरोध बढ़ने पर प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री (संगठन) की संयुक्त कमेटी बना दी।
लेकिन नाराज विधायक इससे संतुष्ट नहीं है। इनका कहना है कि दागी नेताओं को संगठन में एडजस्ट करने का काम प्रदेश अध्यक्ष व संगठन महामंत्री ने किया है। ऐसे में ये दोनों पदाधिकारी संयुक्त कमेटी में निष्पक्ष ढंग से कैसे काम करेंगे। क्योंकि किया धरा तो सब इन्हीं का ही है। इसलिए इन दोनों नेताओं केस्थान पर किसी अन्य को कमेटी में शामिल करना चाहिए। क्योंकि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वें सब अपना विरोध खुलकर दिल्ली तक ले जाएंगे।