मसूरी के होटल में विधायक और महिला के रुकने के साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस बुधवार को विधायक हॉस्टल पहुंची। यहां विधायक के नाम आवंटित कमरा नंबर 62 में छानबीन की गई। हालांकि, क्या साक्ष्य मिले, इसके बारे में पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। इधर, इस मामले में महिला के वकील ने पुलिस पर ठीक से जांच न करने का आरोप भी लगाया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार कर कई साक्ष्य जुटाएं है। महिला के वकील एसपी सिंह के मुताबिक महिला ने बयान में बताया था कि विधायक महेश नेगी उसे 11 जुलाई 2019 को विधायक हॉस्टल स्थित कमरा नंबर 62 में लेकर गए थे।
उन्होंने बताया कि बीते दिनों मसूरी स्थित होटल का भी नक्शा नजरी तैयार किया गया था। पूर्व में टीम विधायक हॉस्टल गई थी। लेकिन कमरा बंद था। इसके बाद बुधवार को दोबारा गई टीम ने कमरे का निरीक्षण किया।
बता दें कि 13 अगस्त को विधायक महेश नेगी की पत्नी रीता नेगी ने महिला के खिलाफ पांच करोड़ की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद महिला ने विधायक पर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया और विधायक को अपनी बेटी का जैविक पिता बताते हुए डीएनए टेस्ट की मांग की।
महिला कोर्ट पहुंची और कोर्ट के आदेश पर 156 (3)के तहत विधायक व उनकी पत्नी के खिलाफ नेहरू कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच एसआईएस शाखा कर रही है।
इधर, इस मामले में एडवोकेट सिंह ने पुलिस पर जांच सही तरीके से न करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ लोग वीडियो बना रहे थे, जो कि नियम विरुद्ध है और इसकी शिकायत विवेचना अधिकारी से की गई। लेकिन, उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।