घनसाली के भाजपा विधायक भीमलाल आर्य के बगावती सुर उन पर ही भारी पड़ गए हैं। पार्टी अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने भीमलाल आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जिसका जवाब देने के लिए भाजपा विधायक को एक महीने का समय दिया गया है।
इस पर भीमलाल आर्य का कहना है कि ये अच्छे नहीं बुरे दिनों की शुरूआत है और ये शुरूआत 2017 से उत्तराखंड में होगी। बगैर नोटिस दिए निलंबन की कार्रवाई करना पार्टी संविधान के खिलाफ है। अधिकृत सूचना मिलने पर आगे कार्रवाई करुंगा।
घनसाली से भाजपा विधायक भीमलाल आर्य बगावत के मूड में हैं। पहले पार्टी की बैठकों में नहीं आना, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक से गैरहाजिर रहना यह साबित करता है कि उनका पार्टी से मोहभंग हो गया है। भीमलाल ने यह कहकर मामले को और हवा दे दी है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत राज्य के लिए बेहतर काम कर रहे हैं।
पार्टी की अधिकतर बैठकों से गायब रहने वाले विधायक भीमलाल आर्य जब रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक में नहीं पहुंचे तो हंगामा हो गया। प्रदेश अध्यक्ष इस मामले को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार को पार्टी की महासचिव सरोज पांडेय की बैठक से भी भीमलाल नदारद रहे। इससे पहले वह दो तीन बड़ी बैठकों से भी गायब रह चुके हैं। इतना ही नहीं 14 जनवरी को सचिवालय के सामने भाजपा विधायकों ने धरना दिया था तो उसमें भी नहीं पहुंचे थे।