फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः BJP की बत्तीगुल, दर्जनों भाजपाई देंगे इस्तीफा!

Sun, 08 Feb 2015 01:00 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली के साथ ही अब उत्तराखंड में बीजेपी पर संकट मंडरा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में ब्लॉक प्रमुख गंगा बिष्ट समेत 64 लोगों के भाजपा से त्यागपत्र देने के बाद भाजपा छोड़ने वालों की एक और जमीन तैयार होने लगी है।
विज्ञापन


फिर से आठ क्षेत्र पंचायत सदस्यों समेत 36 भाजपाइयों ने पंचायत चुनाव में भितरघात करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर न करने पर सामूहिक त्यागपत्र देने का ऐलान किया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को भेजे पत्र में इन लोगों ने कहा है कि पंचायत चुनाव में भाजपा ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ ही कुछ जिला स्तरीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ काम कर अधिकृत प्रत्याशी को हराने का काम किया।
विज्ञापन


गंगोलीहाट में ब्लॉक प्रमुख पद भी पार्टी प्रत्याशी को हराने का काम किया गया।
विज्ञापन

ये देंगे इस्तीफा

पत्र में क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, गोकुल सिंह, कमला देवी, अशोक कुमार, शांति देवी, पुष्कर सिंह, सुरेंद्र सिंह, हेमा देवी, हंसा देवी, वरिष्ठ नेता चंदन वाणी, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार कोठारी, प्रकाश पंत, कल्याण सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बोरा, प्रमिला बुंगला आदि ने कहा है कि पार्टी गतिविधियों में लिप्त लोगों को पार्टी से नहीं निकाला गया तो वह लोग भी इस्तीफा दे देंगे।

उ धर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र रावत का कहना है कि इस मामले की जानकारी है लेकिन इस संबंध में कोई भी जानकारी प्रदेश नेतृत्व ही कोई निर्णय लेगा।

इस्तीफा देने वालों को निष्कासित करो
भाजपाइयों के इस्तीफे के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष विमल रावल, सांसद प्रतिनिधि भगवान बल्लभ पंत इस्तीफा देने वाले लोगों के खिलाफ मुखर हो गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष रावल, सांसद प्रतिनिधि  पंत ने कहा है कि कि इस्तीफा देने वाले लोग काफी समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।

इन लोगों ने निकाय चुनावों में पार्टी प्रत्याशी का समर्थन न कर एक निर्दलीय के पक्ष में काम किया था। 2013 में ही इसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई थी। रावल और पंत ने इस्तीफे को नाटक बताते हुए इन लोगों को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें