भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पर लगे दाग ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पिछले दिनों हल्द्वानी में प्रदेश कार्यसमिति, कोर कमेटी बैठक में उनकी मौजूदगी से चुनाव तक उनके टिके रहने की उम्मीदें बढ़ीं जरूर थीं लेकिन चुनाव से पहले राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें हटाने का फैसला कर दिया।
भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने वर्ष 2020 में राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड प्रभारी और रेखा वर्मा को सह-प्रभारी का दायित्व सौंपा था। उनके कार्यकाल में प्रदेश भाजपा ने जीत के रिकॉर्ड बनाए। मिथक तोड़कर 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार दूसरी सरकार बनी। इसके बाद हरिद्वार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भगवा लहराया।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एकतरफा पांचों सीटों पर जीत की हैटि्रक लगाई थी। इन उपलब्धियों के बीच भाजपा राष्ट्रीय संगठन ने वर्ष 2024 में दुष्यंत गौतम को लगातार दूसरी बार उत्तराखंड का प्रभारी और रेखा वर्मा को सह प्रभारी नियुक्त किया था। लेकिन उनका यह कार्यकाल बमुश्किल दो साल चल पाया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटने के बाद जब पिछले दिनों दुष्यंत गौतम हल्द्वानी में भाजपा के कार्यक्रम में शामिल हुए तो उनकी मौजूदगी से विधानसभा चुनाव तक बने रहने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि संगठन के भीतर उन्हें लेकर दो राय थी। कुछ नेता चाहते थे कि वे यहां रहें और कुछ नेता चाहते थे कि चुनाव से पहले उनकी विदाई हो जाए। आखिर विधानसभा चुनाव से तीन माह पहले उनकी विदाई हो गई।
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नई टीम अनुभव-ऊर्जा का संगम
भाजपा ने अभी तक एक प्रभारी, एक सह प्रभारी नियुक्त किए हुए थे लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन ने इस बार एक प्रभारी के साथ दो सह प्रभारी भी नियुक्त किए हैं। राम माधव, अरविंद मेनन जैसे नेता कई राज्यों में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा चुके हैं। वहीं, सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज को युवाओं से जुड़ाव मजबूत करने में अहम माना जाएगा। खास बात ये भी है कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के समय उनकी माता स्व. सुषमा स्वराज उत्तराखंड से ही राज्यसभा सांसद थीं।