विधायक पूरन फर्त्याल को पार्टी अनुशासनहीनता का नोटिस दे चुकी है। फर्त्याल पर अपनी ही पार्टी की सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा करने का आरोप है। उनकी बयानबाजी को पार्टी ने अनुशासनहीनता के दायरे में माना है। हालांकि फर्त्याल पार्टी के इस आरोप से सहमत नहीं हैं। उन्होंने पार्टी को अपना जवाब दे दिया है। जवाब देने के बाद से फर्त्याल चुप हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत का कहना था कि फर्त्याल का मामला और उनका जवाब कोर कमेटी के सामने रखा जाएगा। कोर कमेटी उनके बारे में निर्णय लेगी। लेकिन बैठक में इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
माना जा रहा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ऐसा कोई संकेत नहीं देना चाहती जो उसके अनुशासन को लेकर बनी छवि के लिए नुकसानदेय है। ऐसे मेंl सांसदों से बातचीत के बाद फर्त्याल के मामले में कड़ा निर्णय होगा इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।