उनकी इस पोस्ट पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी टिप्पणी करने से नहीं चूके थे। उन्होंने लिखा था कि महंत दलीप रावत की व्यथा ये है सभी असली भाजपाइयों की कथा। कुल मिलाकर भाजपा के भीतर नेताओं में खटपट थमने का नाम नहीं ले रही और इसे लेकर कांग्रेस भी तंज करने से नहीं चूक रही।
विस चुनाव के दौरान पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व मंत्री दिनेश धनै ने कहा, मेरे रिश्तेदार और समर्थकों का टीएचडीसी में ठेका चल रहा है, जिससे मैं आहत हुआ हूं। इस वास्तविक स्थिति को जानने के लिए मैंने टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक को पत्र भेजा है। टीएचडीसी को चाहिए कि वह स्पष्ट करे कि मेरे किस रिश्तेदार और समर्थकों को ठेका दिया गया है। ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके। मेरे पर लगाए गए आरोपों के संबंध में मैंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भी पत्र भेजा है। -किशोर उपाध्याय, विधायक टिहरी
पार्टी फोरम की बैठक में कार्यकर्ता अपनी बात रखने के साथ ही पार्टी प्रत्याशी को विजय बनाने का सुझाव दे रहे थे। मेरी बारी आने पर मैंने भी सुझाव दिया और कहा कि चुनाव के समय में अपने व्यक्तिगत कार्यों को छोड़ कर सभी को पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार प्रसार में अधिक समय देना चाहिए। यदि किसी कार्यों की जांच कराई जानी जरूरी है तो सीबीआई या ईडी से कराई जानी चाहिए। टीएचडीसी क्या जांच करेगी।
-दिनेश धनै, पूर्व मंत्री
किसी भी कार्यकर्ता और पदाधिकारी को अपनी बात पार्टी फोरम के अंदर रखनी चाहिए। तभी समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर जो पत्र वायरल हुआ है पार्टी उसका संज्ञान पार्टी लेगी। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-राजेश नौटियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा टिहरी