शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा भौगोलिक विषमताओं को देखते हुए हाई क्वालिटी एजुकेशन में यह सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम समग्र शिक्षा के अंतर्गत सूचना एवं संचार तकनीक आईसीटी के तहत संचालित है।
वर्तमान में इसे 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किया जाएगा। जो प्रदेश के बच्चों के लिए बड़ा तोहफा है। माध्यमिक विद्यालयों के छात्र इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्चुअल क्लासरूम तकनीक नवीनतम तकनीक है। यह स्मार्ट क्लासरूम व आईसीटी लैब से आधुनिक है।
सेंट्रल स्टूडियो के माध्यम से विषय विशेषज्ञों द्वारा कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक के विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जुडे़ विभिन्न विद्यालयों के बच्चों से संवाद किया। कार्यक्रम का संचालन अपर राज्य परियोजना निदेशक डा. मुकुल कुमार सती ने किया। कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, निदेशक सीमा जौनसारी, अपर निदेशक वीएस रावत, संयुक्त निदेशक भूपेंद्र सिंह नेगी, उप निदेशक नागेंद्र बर्त्वाल, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।