‘जल सूत्र’ लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से ‘इको एंड वाश फ्यूचर्स’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) को विज्ञान संचार के तहत कार्यक्रम का जिम्मा दिया गया है। आने वाले छह माह में 50 विज्ञान शिक्षकों को जल शिक्षकों के रूप में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में दून के छह ब्लाकों को शामिल किया गया है।
पानी के प्रयोग की सूझ-बूझ विकसित की जाएगी
राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी) नई दिल्ली की तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य सचिव डा. पंपोश कुमार ने बताया कि ‘जल सूत्र : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार’ कार्यक्रम के तहत लोगों में पानी के प्रयोग की सूझ-बूझ विकसित की जाएगी। इसमें जल को लेकर काम करने वाली अलग-अलग संस्थाएं एक प्लेटफार्म पर काम करेंगी।
क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद कार्यक्रम को अलग-अलग राज्यों में ले जाया जाएगा। यह केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञान संचार कार्यक्रम का हिस्सा है।
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