फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः चमोली में पहाड़ी से गांव के ऊपर गिरा मलबा, भारी बारिश से कई घरों में घुसा मलबा

Fri, 06 Sep 2019 10:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

उत्तराखंड के चमोली में कुमारतोली गांव में बृहस्पतिवार रात भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से हुए भूस्खलन से पांच घरों में मलबा घुस गया और एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। रात भर गांव में अफरातफरी का माहौल रहा। अनहोनी की आशंका से ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। शुक्रवार तड़के बारिश थमने पर ही लोग अपने घरों में लौटे। 

विज्ञापन


बृहस्पतिवार रात आठ बजे से घाट क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई। कुमारतोली गांव के शीर्ष भाग से गुजर रही घाट-कुरुड़ सड़क से रात करीब दो बजे भूस्खलन शुरू हो गया। तभी कुमारतोली गांव में मलबा घुसने से अफरातफरी मच गई। अनहोनी की आशंका से ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। गांव में गोदांबरी देवी, माधो राम, खिलाफ सिंह, मोहन सिंह और लक्ष्मण सिंह के घरों को मलबे से नुकसान पहुंचा है।

एक दुकान भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण राकेश फर्स्वाण और दीपक सिंह कुंवर का कहना है कि भारी बारिश को देखते हुए ग्रामीण रातभर सो नहीं पाए। गांव में मलबा घुसते ही लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। तड़के चार बजे जब बारिश थमी, तब लोग अपने घरों में लौटे।
विज्ञापन


लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीन से रात को ही घाट-कुरुड़ सड़क पर आए मलबे को हटा दिया गया। वहीं, घाट बाजार में कुरुड़ पुल के ठीक ऊपर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से राजेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, मोहन सिंह, त्रिलोक सिंह, अर्जुन सिंह और सुंदरमणि मैंदोली की दुकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि कुमारतोली गांव के शीर्ष भाग से गुजर रही घाट-कुरुड़ सड़क को खोल दिया गया है। गांव में नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेज दी गई है। 

विज्ञापन

थल-मुनस्यारी सड़क बृहस्पतिवार की रात से बंद

ल-मुनस्यारी सड़क बृहस्पतिवार रात से बनिक नामक स्थान में बंद पड़ी है। शुक्रवार को भी सड़क न खुलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बंगाली पर्यटकों का एक दल भी बनिक में फंसा रहा। जिले की 9 अन्य आंतरिक सड़कें भी शुक्रवार को बंद रही। इनमें से सोसा-सिर्खा सड़क बीती 14 अगस्त से बंद है। 

थल-मुनस्यारी सड़क बड़े-बड़े बोल्डर आने से बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े आठ बजे बनिक नामक स्थान में बंद हो गई। लोनिवि ने दो जेसीबी लगाकर सड़क खोलने का प्रयास किया। एक जेसीबी खराब होने सड़क खोलने में व्यवधान आया। लोनिवि के उप खंड अधकिरी शरद जिंदल का कहना है कि शनिवार सुबह सड़क को खोलने के फिर से प्रयास किए जाएंगे। बड़े-बड़े बोल्डर सड़क में पड़े होने से सड़क खोलने में बाधा पहुंच रही है।

उधर, आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शामा-तेजम, मसूरीकांठा-होकरा, गलाती-रमतोली, मदकोट-फाफा, बासबगड़-कोटा, सोसा-सिर्खा, छिरकिला-जम्कू, सानदेव-तुरगोली, आदिचौरा-कोनिया सड़क भी बंद रही। सड़कों के बंद रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मुनस्यारी में मौसम का पहला हिमपात
उच्च हिमालयी क्षेत्र हंसलिंग, राजरंभा और पंचाचूली में बृहस्पतिवार रात को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। बर्फबारी होने से मुनस्यारी में ठंड का असर रहा। शुक्रवार को भी मुनस्यारी की ऊंची चोटयिं बादलों से घिरीं रहीं। मुनस्यारी समेत जिले के अन्य हस्सों में शुक्रवार को बारिश नहीं हुई। जिला मुख्यालय में दोपहर में उमस थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें