बजट सत्र सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी इम्तिहान लेगा। कांग्रेस तल्ख तेवरों के साथ सदन में उतरने के इरादा जाहिर कर चुकी है। लोकसभा चुनाव निकट होने के चलते विपक्ष की तल्खी और बढ़ेगी। ऐेसे में सदन के भीतर हर पल सत्ता पक्ष की परीक्षा तय है। वहीं कई मुद्दों पर विपक्ष अपना होमवर्क कर चुका है, जो सरकार को असहज कर सकते हैं। इसी के तहत सरकार की बजट घोषणाओं कांग्रेस के निशाने पर रहने वाली है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक ने साफ कर दिया है कि सदन में कमजोर संख्याबल के बावजूद वे मजबूत इरादों के साथ उतरेंगे। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले तीन राज्यों में मिली जीत से कांग्रेस के तेवर बदल चुके हैं। इसका असर बजट सत्र में दिखना तय माना जा रहा है। उधर, सरकार ने विपक्ष को कई मुद्दे थमा दिए हैं, जिनकी गूंज विपक्ष में रहेगी। विपक्ष अपनी छाप छोड़ने के लिए राज्यपाल के अभिभाषण में भी हंगामा करने से गुरेज से नहीं करेगा। चाहे वो अवैध शराब से बड़ी संख्या में हुई मौतों का मुद्दा हो या फिर त्रिवेंद्र सरकारी की जीरो टालरेंस की नीति। सरकार के दामन को दागदार करने के लिए विपक्ष हर दांव चलने की तैयारी में है। लोकसभा चुनाव निकट होने के चलते कांग्रेस सत्ता पक्ष को ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहती है, जिससे उसकी जनता में वाहवाही हो।